EPS-95 Pension ₹7500 + DA: प्रधानमंत्री के नाम एक पत्र अभियान शुरू
EPS-95 Pension 7500 + DA की लंबे समय से चली आ रही मांग और महंगाई भत्ता यानी DA—को लेकर एक बार फिर आंदोलन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। राष्ट्रीय आंदोलन समिति यानी National Agitation Committee (NAC) के मुख्यालय बुलढाणा, महाराष्ट्र से मिली जानकारी के अनुसार, 23 अक्टूबर 2026 को बुलढाणा जिले की खामगांव तहसील में संगठन की एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पेंशनर्स की मांगों को प्रभावशाली तरीके से सरकार तक पहुंचाने के लिए “प्रधानमंत्री जी के नाम एक पत्र” अभियान की जोरदार शुरुआत की गई।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है कि EPS-95 पेंशनर्स की पीड़ा, उनकी आर्थिक परेशानियों और सम्मानजनक पेंशन की मांग को सीधे देश के प्रधानमंत्री तक पहुंचाया जाए।
प्रधानमंत्री के नाम पत्र अभियान क्यों है महत्वपूर्ण?
साथियों, EPS-95 पेंशनर्स की सबसे प्रमुख मांग है कि न्यूनतम मासिक पेंशन ₹7,500 की जाए और इसके साथ महंगाई भत्ता यानी DA भी दिया जाए। पेंशनर्स का कहना है कि मौजूदा महंगाई में दवाइयों, इलाज, राशन, बिजली और रोजमर्रा की जरूरतों का खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में बहुत कम पेंशन में बुढ़ापे का जीवन चलाना कठिन हो जाता है।
जिन कर्मचारियों ने अपने कामकाजी जीवन में देश की अर्थव्यवस्था और संस्थानों में योगदान दिया, वे सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन की उम्मीद रखते हैं।
इसीलिए पेंशनर्स की मांग है कि उनकी आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम पेंशन ₹7,500 प्रतिमाह के साथ महंगाई भत्ते की व्यवस्था की जाए।
हालांकि, यह मांग है और इसे सरकारी निर्णय या स्वीकृत पेंशन राशि नहीं समझना चाहिए। NAC का प्रधानमंत्री के नाम पत्र अभियान इसी मांग को संगठित और प्रभावशाली तरीके से सरकार के सामने रखने का एक प्रयास है।
खामगांव की EPS-95 Pension 7500 + DA की बैठक में क्या हुआ?
23 अक्टूबर को आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता इंजीनियर श्री ए. एम. गव्हांदे ने की, जबकि इंजीनियर श्री एस. आर. भारंबे ने प्रस्तावना भाषण दिया। बुलढाणा जिला अध्यक्ष श्री अशोक सनगाडे ने बताया कि जिले की विभिन्न तहसीलों और कई गांवों में संगठन को मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि संगठन के साथी भविष्य में होने वाले कार्यक्रमों और आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी के लिए तैयार हैं।
जिला समन्वयक श्री अशोक दाभाडे ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय नेतृत्व को एकजुट होकर सहयोग देने और वर्तमान परिस्थितियों में प्रभावशाली ढंग से काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। जिला अध्यक्ष बुलढाणा-2 श्री प्रकाश मिरगे ने भी उपस्थित सदस्यों का मनोबल बढ़ाया। वहीं, श्री अनिल पुरवार ने अपने विचार रखते हुए EPFO की कार्यप्रणाली की कड़ी आलोचना की।
राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सिंह राजावत ने क्या संदेश दिया?
इस बैठक में विशेष आमंत्रित राष्ट्रीय महासचिव श्री वीरेंद्र सिंह राजावत ने पेंशनर्स को संगठन की वर्तमान स्थिति, भविष्य की रणनीति और आगामी आंदोलनों के संबंध में विस्तार से मार्गदर्शन दिया।
उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम एक पत्र अभियान की उपयोगिता और आवश्यकता को समझाया। साथ ही पेंशनर्स के मन में मौजूद शंकाओं का समाधान करने का प्रयास किया। बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों और सदस्यों ने अभियान का समर्थन किया।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि उपस्थित सदस्यों ने प्रधानमंत्री जी के नाम पत्र लिखे, उन्हें लिफाफों में बंद किया और बैठक के बाद लेटर बॉक्स में डाला। यानी यह बैठक केवल चर्चा तक सीमित नहीं रही, बल्कि प्रधानमंत्री तक अपनी मांग पहुंचाने के लिए एक प्रत्यक्ष कदम भी उठाया गया।
बैठक में अन्य महत्वपूर्ण बातें
- EPS-95 Pension 7500 + DA की इस बैठक में राष्ट्रीय समन्वयक महिला फ्रंट सौ. रजनी ताई जाधव की विशेष उपस्थिति रही।
- इसके अलावा, NAC के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राऊत जी की 10 वर्षीय पौत्री कुमारी इरा आदित्य राऊत द्वारा गोताखोरी में बनाए गए छह विश्व रिकॉर्ड की सराहना की गई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
- बैठक के अध्यक्ष श्री ए. एम. गव्हांदे ने NAC के कार्यों की प्रशंसा करते हुए सभी सदस्यों से संगठन के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी और सहयोग की अपील की।
- कार्यक्रम की सफलता के लिए तहसील अध्यक्ष श्री सुभाष थोरात, खामगांव शहर अध्यक्ष श्री किशोर बागडे और अन्य सहयोगियों ने विशेष परिश्रम किया। कार्यक्रम का संचालन श्री प्रकाश मिरगे ने किया।
- NAC खामगांव टीम के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को इस पहल के लिए शुभकामनाएं।
अब आगे क्या?
EPS-95 Pension 7500 + DA न्यूनतम पेंशन की मांग केवल एक आर्थिक मांग नहीं, बल्कि सम्मानजनक बुढ़ापे और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
प्रधानमंत्री के नाम पत्र अभियान के जरिए पेंशनर्स अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस अभियान को आगे किन क्षेत्रों में विस्तार दिया जाता है और सरकार की ओर से इस मांग पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
आप भी कमेंट करके बताइए—क्या EPS-95 पेंशनर्स को न्यूनतम ₹7,500 पेंशन के साथ महंगाई भत्ता मिलना चाहिए?
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