EPFO के सुर्कलर में, सुप्रीम कोर्ट के फैसले की गलत व्याख्या – अशोक राउत
उच्च पेंशन के संदर्भ में माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय दिनांक 04.11.2022 के संदर्भ में EPFO का सर्कुलर दिनांक 29.12.2022 के अन्यायकारक सर्कुलर के विरोध में NAC द्वारा लिखा गया सभी तथ्यों पर आधारित अति महत्वपूर्ण – विशेष पत्र. साथ ही की गई आंदोलन की घोषणा।
बिना किसी भेदभाव के सभी EPS 95 पेंशनर्स को उच्च पेंशन की सुविधा प्रदान करने के संदर्भ में निर्देश दिनांक 09.01.2023 तक जारी किए जाएं अन्यथा दिनांक 10.01. 2023 को EPFO के सर्कुलर की होली कर देश के सभी EPFकार्यालयों पर तीव्र प्रदर्शन किया जाएगा।
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर EPFO का सर्कुलर।
हाल ही में EPFO का सर्कुलर, माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले के सम्बन्ध में जारी हुआ है। जिससे कई पेंशनधारक संतुष्ट नहीं है। कहा जा रहा है की EPFO ने इस सर्कुलर में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को तोड़ मरोड़ कर पेश किया है। इसी को लेकर राष्ट्रिय संघर्ष समिति NAC ने श्रम और रोजगार मंत्रालय एवं ईपीएफओ आयुक्त के नाम एक पत्र लिखा है।
पत्र में माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर EPFO के Circular के पैरा 44(6) के साथ पठित पैरा 44(5) और 44(6) का जिक्र करते हुए कहा है की ईपीएफओ ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को गलत तरीके से पेश किया है ताकि ज्यादा पेंशनधारको को इसका लाभ न मिल सके। ऐसे में समिति इस मामले की कड़ी निंदा करती है और इस पत्र का दहन करना चाहती है। साथ ही जल्द ही सुधर की उम्मीद करती है।






इस पत्र में अलग अलग कुछ 7 ऐसे पॉइंट को नोट करते हुए स्पष्ट किया गया है की EPFO की ओर से जारी किया गया सर्कुलर माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की गलत व्याख्या करता है।
और साथ ही अनुरोध किया गया है की इस पत्र में सुधार के साथ EPFO 09 जनवरी तक निर्णय ले अन्यथा पेंशनर्स ईपीएफओ ऑफिस इस पत्र की होली कर और काला बैंच लगाकर, विरोध प्रदर्शन करेंगे।
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